औरेया हादसा: रोटी खा गई 26 जिंदगी, पहले घर और अब दुनिया से किया दूर, बेबस मजदूरों ने बयां किया दर्द

Uncategorized ताका झाकी

हां, ये रोटी ही थी जिसका 26 मजदूर निवाला बन गए। ये रोटी ही थी जो उन्हें दूर-देश ले गई और फिर उन्हें दुनिया से ही बहुत दूर कर दिया। रोजी रोटी की चिंता से मुक्त। ये रोटी ही थी। जो उन्हें घर वापस ला रही थी और ये रोटी ही थी, जिसे समेटकर वो सफर पर निकले थे। यही रोटी इनके इर्द-गिर्द बिखरी थी जब वे अपने आखिरी सफर पर निकल गए।

औरैया में शनिवार भोर में हुए हादसे के बाद चूने के बोरे में दबे मजदूरों की छटपटाहट व्यवस्था की लाचारियां बयां कर रही थी। मौके से लेकर अस्पताल तक चीखें और सिसिकियां ही गूंज रही थीं। ट्राला पलटने से चूने की बोरियों के तले दबे मजदूरों की चींखें तक कोई न सुन सका।

धमाके से नींद खुली…हम दबे थे फिर बेहोश हो गए
झारखंड के धनंजय ने बताया कि हम ट्रक पर सो रहे थे, तेज धमाका हुआ। आंखें खुली तो खुद को बोरियों के नीचे दबा पाया। दम घुट रहा था। सांस नहीं आ रही थी। फिर बेहोश हो गया। होश आया तो अस्पताल में थे।

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