कोरोना से युवा, बच्चें रहें जरा संभलकर:अप्रैल में बदला वायरस का ट्रेंड, बुजुर्गो को छोड़कर अब युवाओं, बच्चों पर कर रहा वायरस अटैक, संक्रमित में 55 फीसदी की उम्र 44 साल से कम

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अप्रैल में कोरोना वायरस ने अपना ट्रेंड बदला है। वायरस ने बुजुर्गो को छोड़कर युवाओं और बच्चों पर अटैक किया है। अप्रैल में अभी तक 19 दिन में 8430 संक्रमित मिले हैं। इनमें से 4648 संक्रमित की उम्र 20 से 44 साल के बीच में है। लगभग 55 फीसदी संक्रमित ऐसे युवा हैं जो अभी तक वायरस से खुद को सुरक्षित मान रहे थे। कोरोना का वायरस इन्हें अपनी चपेट में लेकर सीधे लंग्स पर अटैक कर रहा है। इसके साथ ही 575 संक्रमित की उम्र 18 साल से भी कम है। जो लगभग 7.5 फीसदी है। अप्रैल में अभी तक 59 लोगों की मौत सरकारी आंकड़ों में हो चुकी है। इनमें भी पिछले दिनों की तुलना में 40 से 55 साल उम्र के लोगों का प्रतिशत बढ़ा है।

19 दिन 8430 संक्रमित, 59 की मौत

अप्रैल के 19 दिन में कोरोना संक्रमण बेहद तेजी से फैला है। कोरोना की जांच कराने वाला हर तीसरा व्यक्ति संक्रमित निकल रहा है। 1 अप्रैल को कुल संक्रमित 19165 थे और 19 अप्रैल को यह आंकड़ा 27595 हो गया है। 19 दिन में 8430 लोग संक्रमण की चपेट में आए। इनमें सबसे अधिक संख्या 4648 युवाओं की है। जिनकी उम्र 20 से 44 वर्ष के बीच है, जबकि 18 वर्ष से कम और 7 साल से अधिक उम्र के 575 बच्चें भी संक्रमित हो चुके हैं। वर्ष 2020 में सिर्फ आधा सैकड़ा बच्चे ही संक्रमण की चपेट में आए थे। शेष संक्रमित की उम्र 45 से अधिक बताई जा रही है।

लंग्स पर कर रहा वायरस अटैक

इस बार कोरोना वायरस सीनियर सिटीजन की अपेक्षा युवाओं पर ज्यादा अटैक कर रहा है। वायरस युवाओं के लंग्स को सीधे तौर पर डैमेज कर रहा है। मेडिसिन विभाग के डॉ .विजय की माने तो हॉस्पिटल में भर्ती 265 मरीजों में से 91 मरीज 45 से कम उम्र के हैं, साथ ही उनका कहना है कि इस बार 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। किसी की रिपोर्ट निगेटिव है फिर भी उनके लंग्स में संक्रमण दिख रहा है।

बुजुर्गो को बचाया, बच्चे, युवा हुए संक्रमित

अभी तक यह धारणा मानी जाती थी कि कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गो पर पड़ रहा है। यह देखने में भी आया था। संक्रमित और जिनकी मौत हो रही थी उनमें ज्यादातर बुजुर्ग ही थे। ऐसा माना जा रहा था कि युवा और बच्चे इम्युनिटी पावर अच्छी होने के कारण इस वायरस से बचे हुए हैं। पर अप्रैल माह में वायरस के ट्रेंड ने पूरी धारणा ही बदल ही है। 19 दिन में कुल संक्रमित में से 55 फीसदी ऐसे युवा हैं जिनकी उम्र 20 से 44 वर्ष है। इसके साथ ही 7.5 फीसदी 18 साल से कम उम्र के बच्चे या किशोर हैं। शेष 45 से अधिक उम्र के हैं। मतलब युवाओं ने खुद को सुरक्षित समझकर लापरवाही दिखाई और सड़कों पर घूमे, जिसका असर संक्रमित होकर मिला है।

वैक्सीनेशन का भी असर

पिछले कुछ दिनों में 45 साल से कम उम्र के युवाओं के संक्रमित ज्यादा आने के पीछे एक बहुत बड़ा कारण वैक्सीनेशन है। लगातार बुजुर्ग और 45 से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाने पर शासन ने ध्यान दिया है। जिसको वैक्सीन की एक डोज भी लग गई है उस पर वायरस उतना खतरनाक असर नहीं दिखा पाया है, लेकिन जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी है उन पर अप्रैल में वायरस सीधा अटैक कर लंग्स खराब कर रहा है।

घर में रहें, सुरक्षित रहें

ऐसे समय में डॉक्टरों की सलाह है कि युवा और बच्चों को भी कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने के लिए प्रयास हों। युवाओं और बच्चों को चाहिए कि वह घर पर ही रहें और सुरक्षित रहें। अनाप शनाप कुछ न खाएं और बाहर निकलने से बचें। लगातार मास्क और सेनेटाइजर का उपयोग करते र

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