उत्तराखंड : देहरादून और मसूरी के बीच बनने जा रहा रोपवे अपनी कई खूबियों के लिए पर्यटकों को लुभाएगा, 

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देहरादून दून और मसूरी के बीच बनने वाला रोपवे दोनों शहरों के लिए रोमांच और पर्यटन की नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित होगा। इसके निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर ढांचागत विकास होगा, जिससे मौजूदा क्षेत्रों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। दून में मसूरी रोड से पुरकुल तक का इलाका नए सिरे से विकसित होगा। साथ ही मसूरी में भी इससे जुड़े कई विकास कार्य होंगे, जिसका पर्यटकों और स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।

अभी मसूरी की सबसे बड़ी समस्या पर्यटन सीजन के दौरान लगने वाला जाम और वाहनों की पार्किंग की कमी है। रोपवे बनने के बादइन दोनों से छुटकारा मिल सकता है। लाइब्रेरी चौक पर रोपवे का स्टेशन होगा, जहां पर पर्यटक चढ़ेंगे और उतरेंगे। ऐसे में इस पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर ढांचागत निर्माण होगा। इसी तरह, मसूरी रोड से पुरकुल को जोड़ने वाले इलाके की सड़कों को बेहतर किया जाएगा।

अभी वहां सड़कें यातायात का बहुत अधिक दबाव झेलने की स्थिति में नहीं हैं। इसके अलावा दोनों स्थानों पर पर्यटन सुविधाओं से जुड़े कई नए काम भी शुरू होंगे, जिससे कई लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा लोगों को उस परेशानी और झुंझलाहट से भी राहत मिलेगी, जो दून-मसूरी के सफर के दौरान अक्सर लगने वाले जाम के कारण होती है।

मसूरी में क्रिंक्रेग में करीब एक हजार वाहनों की मल्टीलेवल पार्किंग तैयार की जा रही है, जिसका एक हिस्सा कुछ समय पूर्व गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया। अब उसका नए सिरे से निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा लाइब्रेरी के पास भी पार्किंग बनाने की योजना है, जिस पर काम होना है।

मसूरी में अभी निर्माण पर पूरी तरह प्रतिबंध है। शहर की मौजूदा स्थिति को देखते हुए वहां विस्तार और नए निर्माण की संभावना भी नहीं है। इसके कारण वहां के स्थानीय लोगों और व्यवसायियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। रोपवे निर्माण के दौरान कई नए निर्माण होंगे, जिससे अन्य लोगों के लिए भी राह खुल सकती है। स्थानीय लोग लंबे समय से निर्माण पर लगी रोक हटाने की मांग कर रहे हैं।

मसूरी में कम होगा ट्रैफिक का दबाव

रोपवे शुरू होने से मसूरी में ट्रैफिक का दबाव निश्चित तौर पर कुछ कम होगा। हालांकि मसूरी रोड से पुरकुल के बीच ट्रैफिक बहुत अधिक बढ़ जाएगा। योजना के अनुसार, पर्यटकों के वाहन रोपवे के पास मल्टीस्टोरी पार्किंग में खड़े कर दिए जाएंगे। यहां से पर्यटक रोपवे के जरिये लाइब्रेरी चौक मसूरी पहुंचेंगे। यहां पर उनके लिए इलेक्ट्रिक कार्ट उपलब्ध रहेगी, जिसकी मदद से वो पहाड़ों की रानी घूम सकेंगे। यात्री वाहनों की तादाद कम होने से मसूरी में पर्यटन सीजन के दौरान अक्सर लगने वाले जाम से भी निजात मिल सकेगी।

दून-मसूरी के बीच बनेगा एशिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे

देहरादून और मसूरी के बीच बनने वाला यह रोपवे (5.6 किमी) एशिया में दूसरा सबसे लंबा होगा। यह हांगकांग के गोंगपिंग 360 (5.7 किमी) से महज सौ मीटर ही छोटा है। अभी एशिया में दूसरा सबसे लंबा रोपवे जोशीमठ-औली है, जिसकी लंबाई 4.15 किमी है। इसके अलावा गुजरात के गिरनार में 2.3 किमी, असम में ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर 1.8 किमी और हिमाचल के धर्मशाला में 1.75 किमी लंबाई के रोपवे हैं या उनका निर्माण चल रहा है।

 

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